शुक्रवार, 31 अगस्त 2018

छोड़ गई साथ मेरा परछाई........

http://www.nilkhamos.blogspot.com


छोड़ गई है मेरा साथ परछाई भी।
शायद नराज है मुझसे खुदाई भी।

चले जाते तुम कहीं भी मुझसे वादा करके,
सह लेते हम वो तुम्हारी जुदाई भी।

देते रहे तुम मुझे तमाम उम्र जख्म,
और कर दी मेरे नाम बेवफ़ाई भी।

ऐसे बर्बाद हुए तुम्हारी आशिकी में कि,
करेगी न आबाद किसी की रहनुमाई भी।

जब तक न आओगे "खामोश" तबियत देखने,
करेगी न असर मुझको कोई दवाई भी।
..................................................................................
                             अमित कुमार ख़ामोश

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

http://www.nilkhamos.blogspot.com

हम थोड़े से हैं...........

www.nilkhamos.blogspot.com हम थोड़े से तो जरूर हैं तुम्हारी जिन्दगी में शामिल। वो अलग बात कि नहीं हूं बिल्कुल मैं तुम्हारे काबिल। हम ...