गुरुवार, 16 अगस्त 2018

होश खो बैठे..............

   होश खो बैठे तुम्हे देखने वाले।
   मशहूर हो गए तुम्हे चाहने वाले।

   न बच सके तुम्हारी तिरछी नज़रों से,
   जो बदनाम थे कभी कत्ल करने वाले।

   पीते गए हम जाम पे जाम नशा न हुआ,
   हुए मदहोश तुम्हारे पास से गुजरने वाले।

   सबकी ख्वाहिश-ए-हासिल तुम क्यों न हो,
   मांगते सांसे तेरे दीदार को कब्र में रहने वाले।

   खता हो गई "खामोश" चिराग़ों से दोस्ती करके,
   मिल गई रोशनी सबको तुम्हारे साथ चलने वाले।
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                                अमित कुमार"खामोश"

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