न कुछ कर सके तो हम दुआ दे जाएंगे।
सीखा दूंगा जीना जो मेरी कब्र पे आएंगे।।
मिलता है सकूँ अब पत्थर पर सो कर,
बदले में अपनी मौत के जिंदगी दे जाएंगे।
कुछ ख्वाहिशें जो थीं वो अधूरी सी थीं,
सबने कहा कुछ न ज़माने से हम ले पाएंगे।
सब करते हैं गुस्ताखियां वो हमने भी कीं,
जो खुद ही थे गलत वो अब सजा दे जाएंगे।
अकेले ही सही "खामोश" झूठी मुहब्बत से,
दवा न दे पाए सही पर हम दर्द कम दे जाएंगे।
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अमित कुमार" खामोश"
सीखा दूंगा जीना जो मेरी कब्र पे आएंगे।।
मिलता है सकूँ अब पत्थर पर सो कर,
बदले में अपनी मौत के जिंदगी दे जाएंगे।
कुछ ख्वाहिशें जो थीं वो अधूरी सी थीं,
सबने कहा कुछ न ज़माने से हम ले पाएंगे।
सब करते हैं गुस्ताखियां वो हमने भी कीं,
जो खुद ही थे गलत वो अब सजा दे जाएंगे।
अकेले ही सही "खामोश" झूठी मुहब्बत से,
दवा न दे पाए सही पर हम दर्द कम दे जाएंगे।
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अमित कुमार" खामोश"
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