रविवार, 19 अगस्त 2018

खूबसूरत हैं ये बात...........

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खूबसूरत हैं ये बात उन्हें आईने से पता चली।
बुझाने किसी की प्यास बादलों की घटा चली।

गिर गईं बिजलियां जो गुजरे उनके सामने से,
कसूरवार वो  थे ये मालूम उनकी जफ़ा चली।

कुछ न कह पाये होंठो से सामने जब मेरे आये,
कुछ इशारे थे हमें ये उनकी आंख बता चली।

लिपटे रहे हम दोनों एक दूसरे के आगोश में,
छोड़कर खुसबू बदन की वो हर सबूत मिटा चली।

होगा एक ही चाँद आसमां या जमीं पर "खामोश",
ये बात यहाँ अदालत-ए-आशिक कई दफा चली।
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                               अमित कुमार"खामोश"

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