सोमवार, 20 अगस्त 2018

करके हासिल मंजिल............

http://www.nilkhamos.blogspot.com

करके हासिल  मंजिल दुनिया को दिखाना  है।
कहे जब जमाना ये तो बड़ा अजीब दीवाना है।

डूब  जाते हैं कुछ  लोग समुन्दर की लहरों से,
निकालना कश्ती तूफ़ान से सबको सिखाना है।

गुजार देते हैं ताउम्र एक ख्वाहिश पूरी करने में,
तुमको तो हजारों कामयाबियों से मिलाना है।

जो बात है तुम में वो किसी में हो नही सकती,
फिर तुम्हेअपनी शोहरत को याद दिलाना है।

ग़मज़दा हो भी गए तो परवाह न की "खामोश",
हरा के खुद को किसी चेहरे को जिताना है।
..........................................................................
          अमित कुमार " खामोश"

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

http://www.nilkhamos.blogspot.com

हम थोड़े से हैं...........

www.nilkhamos.blogspot.com हम थोड़े से तो जरूर हैं तुम्हारी जिन्दगी में शामिल। वो अलग बात कि नहीं हूं बिल्कुल मैं तुम्हारे काबिल। हम ...