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बेमुहब्बत जिंदगी के मायने क्या।
होआवारगी तो फिर कायदे क्या।
तलब है कुछ नशा हो जाए मुझे,
सामने तुम तो जाना मैकदे क्या।
लेकर मेरा दिल तुम खुश नही तो,
सच बता तो की तुम चाहते क्या।
झुक गए सर इबादत के लिए सब,
निकले न दुआ ऐसे सजदे क्या।
सुबह होश में आ जाएं "खामोश",
ऐसी शराब पीने से फायदे क्या।
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अमित कुमार "खामोश"
बेमुहब्बत जिंदगी के मायने क्या।
होआवारगी तो फिर कायदे क्या।
तलब है कुछ नशा हो जाए मुझे,
सामने तुम तो जाना मैकदे क्या।
लेकर मेरा दिल तुम खुश नही तो,
सच बता तो की तुम चाहते क्या।
झुक गए सर इबादत के लिए सब,
निकले न दुआ ऐसे सजदे क्या।
सुबह होश में आ जाएं "खामोश",
ऐसी शराब पीने से फायदे क्या।
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अमित कुमार "खामोश"
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