बुधवार, 15 अगस्त 2018

तेरे पास रहकर भी........


तेरे पास रहकर भी हम बहुत दूर हो गए हैं।
क्या बात मंजिलो की जब रास्ते  खो गए हैं।

तोड़ दूँ जंजीरे ऐसा हौसला बाकी है मुझमे,
हम कैद फिर भी और वो फरार हो गए हैं।

पाने को तेरा हुस्न हो जाती हैं तबाहियां,
न पीने वाले शराब, देख तुझे नशे में हो गए हैं।

बदल दिया ठिकाना बहुत दूर तेरे शहर से,
गुजरते थे तेरी गली से वो बदनाम हो गए हैं।

दिल की बात है दिल में "खामोश" कहें किस से,
जो कहते थे कभी अपना वो पराये हो गए हैं।
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                     अमित कुमार "खामोश"


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